कैसे भारत को विश्व की आर्थिक
महाशक्ति बनाया जा सकता है .
आर्थिक आज़ादी के मुख्य बिंदु ये है:--
(1)
50 रुपए से बड़े नोट यानि 100. 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए जाएँ और सारे बड़े नोट
सरकार वापस ले ले.
(2) आयात कर को छोडकर बाकी सभी कर समाप्त
कर दिए जाएँ
(3) सिर्फ 2% का अंतरण कर (Transaction Tax) लगाया जाये जो बैंक के द्वारा
उपभोक्ता को प्राप्त धन पर काटा जायेगा.
(4) 2000-3000 रुपये से बड़े अंतरण चेक या ड्राफ्ट से किये
जाये और नकद अंतरण पर कोई टैक्स नहीं होगा.
(5) हर गाव में
बैंकों का प्रभावी जाल बनाकर करीब एक करोड अतिरिक्त युवाओ को नौकरी दी जाये जिससे
चेक लेन-देन में दिक्कत न हो..
क्या होगा यदि 100. 500 और 1000 के नोट बंद हो जाते है :-
१-हर प्रकार
का नगद लेन देन वाला भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेगा क्योकि घूसखोरी में बड़े नोट ही
लिए जाते हैं.
२-कालाधन
समाप्त होगा- जो बड़े नोट बोरो में भरकर छुपाया गया है वह बेकार हो जायेगा, सोना
चांदी जमीन की महगाई कम होगी.
३-एक नोट को प्रिंट
करने का खर्चा 39 रुपये आता है, इसलिए 39
रुपये में 50 रुपये का नोट छापकर फर्जी नोट चलाना अपने आप
बंद हो जायेगा क्योकि यह घाटे का सौदा होगा. भारत सरकार ने कुल नोटों का 93% नोट 100, 500 और 1000 का छापा है.
४-फर्जी नोट
बंद होने और सारा बड़ा लेन देन बैंक से होने पर आतंकवाद मिट जायेगा, अपहरण और फिरौती
तो तुरंत बंद हो जायेगी, 60 लाख में खरीदी जमीन की रजिस्ट्री 60,000 दिखाकर नहीं हो पायेगी. हर काम चेक/डीडी से ही हो सकेगा. सांसदों विधायको
की खरीद बंद हो जायेगी.
क्या होगा जब सभी टैक्स बंद
कर दिए जायेंगे और बड़े लेन देन बैंको द्वारा किया जायगा :-
१-सारी उपभोक्ता
वस्तुओ पर 35% से 52% तक टैक्स लगाये जाते
है, टैक्स हटाने से चीजे सस्ती हो जायेगी, कृषि लागत कम होगी.
२-सस्ती होने से
चीजों की खपत बढ़ेगी और उत्पादन बढ़ेगा, ज्यादा रोजगार का सृजन होगा. टैक्स समाप्त
होने से खरीदने में चीजे सस्ती होने से लोगो के पास धन बचेगा. स्वदेशी कंपनियों को
बढ़ावा देकर भारत में ही रोजगार के कई करोड अवसर पैदा किये जायेंगे.
३-टैक्स समाप्त
होने पर भ्रष्टाचार रुकेगा और गुणवता की होड लगेगी, अच्छी चीजे मिलेंगी,व्यवसायी
को सरकारी दखल से मुक्ति मिलेगी.
४-उपभोक्ता
वस्तुओ पर सरकारी पकड़ खतम होगी और चोरी नहीं होगी. लाइसेंस राज समाप्त होगा. जाच
के नाम पर वसूली से मुक्ति.
५-सभी टैक्स
समाप्त होने पर सब लोग हर हाल में 2% अंतरण कर देने के लिए
राजी होंगे जो 15 लाख करोड से 40 लाख
करोड होगी.
६-टैक्स समाप्त
होने से जनता की खरीद शक्ति में बढोत्तरी होगी, कृषि लागत कम होने से किसान का
फायदा बढ़ेगा.
क्या होगा जब 2% अंतरण कर
(Transaction Tax 2%) लागु हो जायेगा :-
१-भारत में आज बैंक अंतरण रोज २.५ लाख करोड और सालाना 750 लाख करोड
है. 2%
अंतरण टैक्स लगाने पर सरकार को 15 लाख करोड राजस्व प्राप्त होगा. बैंक नेटवर्क बढ़ेगा और
करीब 1 करोड
नया रोजगार पैदा होगा.
२- सभी टैक्स बंद होने और बड़े नोट बंद होने से बैंक अंतरण 3 से 4 गुना बढ़ जायेगा
और सालाना अंतरण कम से कम 2000 लाख करोड हो जायेगा जिससे 2% अंतरण कर के रूप में सरकार को 40 लाख करोड का
राजस्व मिलेगा. इस दशा में यह टैक्स 1% से 1.5% किया जा सकता है. अभी इस समय सरकार अपनी इतनी बड़ी कर
व्यवस्था से भी 13 लाख करोड का राजस्व इकठ्ठा नहीं
कर पा रही है.
३-अंतरण कर से सरकार का टैक्स बेस बढ़ेगा और गरीब लोग अपने आप कर दायरे से बाहर
हो जायेंगे. जिसकी जितनी कमाई होगी उतना टैक्स देना होगा. नकद लेन देन पर कोई
टैक्स नहीं होगा, किसान को कोई टैक्स नहीं होगा.
४-अंतरण पर 2% कर लेने की व्यवस्था से नौकरीपेशा लोगो को सबसे ज्यादा रहत मिलेगी और जो
लोग पैसा कमाते हुए भी टैक्स नहीं दे रहे हैं वे भी टैक्स के दायरे में आ जायेंगे
यानि टैक्स देने वालो की संख्या में बहुत ज्यादा बढोत्तरी हो जायेगी.
५-सरकार चाहे तो आपदा काल में एक ही पॉइंट पर कर की दर बढाकर कुछ समय के
लिए अतिरिक्त राजस्व ले सकती है और राजस्व
पर पूरा नियंत्रण होगा. जैसे 2% से बढाकर 2.15% कर दे आदि. कर विभागों में लगे लोगो को बैंकिंग में
लगाया जा सकता है.
६-आयकर विभाग और अन्य विभागों की कर में लूट और छूट दोनों ही बंद हो
जायेंगे.
कालाधन कितना है, कहा है और इसे
भारत वापस लाने की प्रक्रिया क्या है, इसे कौन करा सकता है..
(१)भारत के लोगो की मेहनत की कमाई को गद्दारों द्वारा
लूटकर विदेशी बैंको में करीब 400 करोड रुपये से भी अधिक जमा किया गया है जो अंग्रेजो के
जाते ही शुरू हो गया था.
(२) यह धन स्विटजरलैंड, दुबई,सिंगापूर, इंग्लैंड और
अमेरिका सहित करीब 70 देशो में जमा किया गया है.
(३) इसे भारत वापस लाने के लिए सबसे पहले इस धन को भारत की केंद्र सरकार
“राष्ट्रीय संपत्ति” घोषित करे.
(४) “प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एंड मनी लांडरिंग एक्ट्स
आदि के तहत एक जनरल परपज एफ आई आर दर्ज करके दुनिया के सभी देशो से जानकारी मागी जाये.
(५) ”पोलिटिकली एक्सपोज्ड पर्सन” प्राविधान के तहत अंतर्राष्टीय आधार पर कालेधन के
बारे में जानकारी हासिल की सकती है.
(६) ”यूनाइटेड
नेशंस कन्वेंशन अगेन्स्ट करप्शन-2003” के तहत भारत किसी भी देश से कालाधन के बारे में
जानकारी प्राप्त कर सकता है.
(७) इसके अलावा “फाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स अगेन्स्ट
मनी लांड्रिंग-2003”, “यूनाइटेड
नेशंस ऑफिस ऑफ ड्रग एंड क्राईम-2002” जैसी विश्व की 6 शीर्ष एजेंसियां भी इस काम में भारत सरकार की
मदद कर सकती हैं.
(८)फिजिकल टेक्नीकल इन्वेस्टिगेशन के जरिये भी सरकार कालाधन के मालिकों तक पहुच
सकती है.
(९)इसके अलावा भारत सरकार को विदेशी सरकारों, व्यक्तियो और संस्थाओ
द्वारा भी पहले से हजारों कालाधन मालिकों की सूचि दी जा चुकी है जिस पर कार्यवाही
हो जानी चाहिए थी.
(१०) कालेधन को भारत वापस लाने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को
ही है परन्तु सरकार जानबूझकर इस विषय में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है और न ही
पहले से प्राप्त कालाधन मालिकों के नाम जनता को बता रही है, सरकार ऐसे ऐसे समझौते
कर रही है जिससे की बाद में आने वाली सरकारे भी कालाधन वापस न ला पाए इससे ये
प्रतीत होता है की कालाधन सरकार में बने लोगो या इनके द्वारा पोषित लोगो का ही है.
भारत को विदेशो में जमा कालाधन वापस मिल जाये तो भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बन
जाये और उसे किसी भी योजना के लिए पैसे की कमी न रहे.